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सबेरे बच्चा जन्मा, लगाया इंजेक्शन और कल लगेगा दौड़ने -प्रो. बनवारी लाल शर्मा

चौंकिए नहीं, यह कोई शेखचिल्ली की बातें नहीं हैं। यह आज की नयी टेक्नोलोजी का करिश्मा है। अभी कुछ दिन पहले ही तो एक टीवी चैनल पर एक वैज्ञानिक साइंस-टेक्नोलोजी की करामात दिखा रहा था। उसने दिखाया, खेत में बोये कद्दू की एक बतिया (छोटा नया लगा बच्चा कद्दू) में सुई से इंजेक्शन लगाया और अगले दिन सबेरे वह बतिया एक खूब बड़ा बीस किलो का कद्दू बन गया। हम बहुत दिनों से कई शहरों-कस्बों में सब्जी की दुकानों पर सुन्दर, हरी एक साइज की सीधी लौकियाँ देखते थे। ऐसा लगता था कि किसी साँचे में ढालकर उन्हें बनाया गया हो। हमारे एक वैज्ञानिक मित्र ने हमारी नादानी दूर की। उन्होंने बताया अब ऐसे इंजेक्शन बन गये हैं कि शाम को लौकी के खेत में एक अंगुल बराबर लौकी की बतियों में इंजेक्शन लगा दिये जाते हैं और सबेरे एक साइज की सीधी सुन्दर लौकियां आप तोड़ लीजिए।

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