नंदीग्राम में जारी माकपा के हिंसक हमले का समाचार कवरेज से मीडिया को सीपीएम के कैडरों द्वारा प्रतिबंधित करने के संबंध में

माननीय चेयरमैन प्रेस कौंसिल, नई दिल्ली
विषय - नंदीग्राम में जारी माकपा के हिंसक हमले का समाचार कवरेज से मीडिया को सीपीएम के कैडरों द्वारा प्रतिबंधित करने के संबंध में
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महाशय,
हम सब पत्रकार हैं और 14 मार्च के नंदीग्राम के जनसंहार के बाद हमने नंदी ग्राम पर केंद्री त शोधपरक लेखन /रिपोर्ट लेखन किया है । यह पत्र हम नंदीग्राम में जारी हिंसक कार्रवाई के कवरेज के अधिकार के लिए लिख रहे हैं । नंदीग्राम के गांव से आ रही फोन सूचनाओं के अनुसार 2 नवंबर से नंदीग्राम दो और नंदीग्राम एक को घेर कर सीपीएम के सशस्त्र दस्ते हमला कर रहे हैं। यह जानकारी कितनी सही है यह जानने के लिए 8 नवम्बर को जब कुछ पत्रकार समाज सेविका मेधा पाटकर के साथ नंदीग्राम जा रहे थे तो कापसऐटिया (मेहिशादल) के पास मेधा पाटकर और मीडियाकर्मियों पर भी हमले हुए। आलोक बनर्जी (इंडिया टुडे अंग्रेजी) और वापन साहू ( 24 घंटे बंगाल चैनल) को पीटा गया।
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नंदीग्राम में मीडिया के प्रवेश को सीपीएम ने घोषित तरीके प्रतिबंधित कर दिया है और नंदीग्राम में हिंसक हमले जारी हैं। देश की मीडिया इस समय नंदीग्राम के भीतर नहीं है और कोलकाता से नंदीग्राम की राह में र ेवापा डा और चंडीपुर में सीपीएम के कैडर लाल झंडे के साथ सड़क पर बेरीकेट कर रोक रहे हैं। हमें फोन से सूचना आ रही है कि 10 और 11 नवंबर के बीच नंदीग्राम में निहत्थे लोगों पर सीपीएम कैडरों ने हमला किया और हमले में 40 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। हम इस सूचना की पुष्टि के लिए देश की मीडिया को नंदीग्राम में प्रवेश की अनुमति चाहते हैं। हम चाहते हैं कि राष्ट्रीय मीडिया को नंदीग्राम प्रवेश की छूट दी जाए और मीडिया को सुरक्षा की गारंटी दी जाए। 10 नवम्बर को तैसाली बाजार के पास 20 हजार से ज्यादा निहत्थे लोगों के जुलूस पर सीपीएम कैडरों के हमले में कितने लोग मारे गए हैं यह जांच-परख का सवाल है।
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लेकिन नंदीग्राम कॉलेज में विस्थापित होकर 25000 से ज्यादा लोग शरणागत हैं , यह खबर सही है क्योंकि सोनाचूड़ा से भागकर आए लोगों से कोलकाता में हमारी बात हुई है। सोनाचूड़ा के थंकर खटुवा के अनुसार उसने 10 नवंबर को अपनी आंखों से बीस के करीब लाशों को रिक्शा ठेला से सीपीएम कैंडरों को ले जाते हुए देखा है। नंदीग्राम में जनसंहार हुआ है , लेकिन देश को यह खबर इसलिए मालूम नहीं है कि मीडिया का प्रवेश नंदीग्राम में प्रतिबंधित है।
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हम नंदीग्राम की स्थिति का कवरेज करने का एक सिर्फ अपने लिए नहीं संपूर्ण मीडिया समूह के लिए चहाते हैं और कुछ पत्रकारों का नाम सूचीबध्द कर रहे हैं , जिन्हें रोका गया और पीटा गया है। ज्ञात हो कि एक दर्जन से ज्यादा पत्रकार नंदीग्राम प्रवेश की राह सीपीएम कैडरों के द्वारा पीटे गए हैं।
1- गोरंगो हाजरा (तारा टी. वी. बांग्ला चैनल) हाथ तोड़ दिया।
2-महुआ साजा (तारा टी. वी. की चीफ रिपोर्टर) को पीटा गया।
3-चप्पन बसु ( 24 घंटे बांग्ला)
4-आलोक बनर्जी (इंडिया टुडे अंग्रेजी)
5-अकबर हुसैन मलिक ( 24 घंटे बांग्ला)
6-पवन साहू (आकाश गंगा बांग्ला)
7-दयाल साहू (कोलकाता टीवी)
8-असरफुल हुसैन (स्टार आनंद)
हमारी जानकारी के अनुसार सीपीएम कैडरों के शिकार पत्रकारों ने अगर पुलिस के प्राथमिकी दर्ज करवाने की कोशिश की तो प्रथमिक नहीं ली गई या जान के भय से किसी ने प्राथमिकी की हिम्मत नहीं जुटाई। प्रेस काउंसिल को मीडिया के समाचार संकलन के हक पर प्रतिबंध को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषी सीपीएम के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करनी चाहिए। आपकी कार्रवाई के लिए हम प्रेस कौंसिल के प्रति आभारी होंगे।
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सादर,
अपेक्षित
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रामबहादुर राय (प्रथम प्रवक्ता )
पुष्पराज (स्वतंत्र पत्रकार) मोबाइल नंबर 09431862080 (कोलकाता )
शिराज केसर ( पीएनएन) मोबाइल नंबर 9211530510 ( दिल्ली)
संजय तिवारी ( युगवार्ता) मोबाइल नंबर 9312440606 ( दिल्ली)

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