गोद लेने की आड़ में बच्चों का व्यापार - गीता वरदराजन चेन्नई से

हाल ही में चेन्नई उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए एक फैसले में गोद लेने (इंटर-कंट्री एडॉप्शन- आईसीए) के एक घटनाक्रम में तीन बच्चों के अपहरण की जांच के आदेश सीबीआई को देने के मामले ने एक बार फिर कानूनी विधायी तंत्र की असफलता को उजागर कर दिया है। एक दम्पत्ति को गिरफ्तार किया गया है जो गोद लेने (एडॉप्शन) के आड़ में सरकार तथा उसकी एजेंसीयों के आंखों में धूल झोंककर बच्चों का व्यापार करता था।कुछ समय पहले तमिलनाडु पुलिस ने बच्चों का व्यापार करने वाले एक रैकेट, जिसमें कई व्यक्तिगत तथा सरकारी एजेंसियां शामिल थीं; का भांडाफोड़ किया था। ये व्यापारी सड़क छाप बच्चों या गरीब परिवार के बच्चों और सरकारी अस्पतालों के मातृत्व कक्ष में भर्ती महिलाओं के बच्चों को अपहृत करते और तथाकथित गोद ग्रहण करनेवाली एजेंसियों को 5000 रू से 25000 रू प्रति बच्चे की दर से बेच देते थे। . . . . . . .पूरा पढ़ें

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