यमुना को बचाने के लिए सत्याग्रह होगा : वन्दना शिवा

यमुना को योजनाबध्द तरीके से उजाड़ा जा रहा है, इसे नहीं रोका गया और खेलगांव को दूसरी जगह नहीं ले जाया गया तो गली-गली में सत्याग्रह किया जाएगा। जल स्वराज अभियान की संयोजक डॉ. वंदना शिवा, सिटीजंस फ्रंट फार वाटर डेमोक्रेसी के एसएस नकवी और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने यह बात कही। पूर्व केंद्रीय मंत्री जार्ज फर्नांडीज के निवास पर हुई प्रेस कांफ्रेंस में इन नेताओं ने आठ सूत्री मांग पत्र भी जारी किया।
यमुना सत्याग्रह के नेताओं ने मांग की कि यमुना तट पर बनाए जा रहे खेल गांव और सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाएं। यमुना के मैदानी तटों पर निर्माण से भूजल रिचार्ज, पर्यावरण और कृषि उपज पर बुरा असर पड़ेगा। पर्यावरण के लिए जंगल और पेड़ चाहिए। सब्जियों की उपज और प्यास बुझाने के लिए यमुना के तटीय क्षेत्र चाहिए।
डॉ. वंदना शिवा ने बताया कि यमुना के मैदानी तट को नष्ट करने का पहला कदम अक्षरधाम बनाने के रूप में उठाया गया। वह कोई मंदिर नहीं है। वहां जाने के लिए टिकट खरीदना पड़ता है। पूरा संस्थान व्यावसायिक ढंग से चल रहा है। इस संस्थान के लिए तटीय क्षेत्र में 58 एकड़ जमीन से किसानों को हटाया गया।
उन्होंने कहा कि यमुना को प्रदूषण से मुक्ति और सुरक्षा के बहाने, यमुना के पास बसी स्लम बस्तियों और झुग्गी वालों को उजाड़कर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया। दूसरी ओर उसी यमुना के पास खेल गांव बनाया जा रहा है, जिसमें 8500 खिलाड़ियों के लिए 4500 कमरों की बहुमंजिली इमारत, होटल, मनोरंजन केंद्र, हेलिपैड, मेट्रो डिपो और मॉल आदि कई निर्माण कार्य चल रहे हैं। इससे यमुना के पानी में प्रदूषण की दर पहले से ज्यादा बढ़ जाएगी। साभार जनसत्ता

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